हिंदी फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर को अपनी पहली ही फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। करण की दूसरी फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ थीं जो दिसंबर साल 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म के 18 साल बीत जाने के बाद एक इंटरव्यू में करण ने कहा है कि ये फिल्म उनकी सबसे बड़ी भूल थी।

करण जौहर ने फिल्म कभी खुश कभी गम को अपने मुंह पर बड़ा तमाचा बताया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि मैं ‘मुगल-ए-आजम’ के बाद से आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ और फरहान अख्तर की फिल्म ‘दिल चाहता है’ तक हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बना रहा हूं। करण ने कहा कि उनका लक्ष्य इस फिल्म बॉलीवुड के बड़े स्टार्स को शामिल करना था।
करण जौहर ने कहा कि जब वह यह फिल्म बना रहे थे तो उन्हें लगा कि वो हिंदी सिनेमा की बेहतरीन और यादगार फिल्म बना रहे हैं, जिसे लोग सालों तक याद रखेंगे।
