#BIHAR #INDIA : अरवल में नए जेल निर्माण मामले में पटना हाईकोर्ट ने दो वरीय अधिवक्ताओं को निर्माण का मुआयना कर रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट ने दो सीनियर एडवोकेट से अनुरोध किया कि एक फरवरी या किसी अन्य अवकाश के दिन अरवल में बन रही जेल के निर्माण की प्रगति को अपनी आंखों से देख दो सप्ताह के भीतर कोर्ट को वस्तुस्थिति से अवगत कराएं।

शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने विनोद कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जेल निर्माण करने वाली एजेंसी बैजनाथ कंस्ट्रक्शन को भी नोटिस जारी कर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। कोर्ट यह जानना चाह रहा है कि जेल निर्माण कार्य को कितने कम समय में पूरा किया जा सकता है।

कोर्ट ने आवेदक के सीनियर एडवोकेट रामाकांत शर्मा तथा सरकार के अपर महाधिवक्ता सीनियर एडवोकेट प्रभात कुमार वर्मा को अरवल जाकर निर्माण कार्य का मुआयना करने का निर्देश दिया। मार्च 2015 में अरवल में नए व्यवहार न्यायालय की स्थापना की गयी थी। जिले में कोर्ट है लेकिन जेल न होने के कारण यहां होने वाले ट्रायल के दौरान विचाराधीन कैदियों की पेशी जहानाबाद के मंडल कारा से लाकर करायी जाती है। नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ये जिले संवेदनशील हैं। कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद अरवल में जेल का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
