
PATNA : कोरोना वाय’रस को लेकर नई बात सामने आई है कि यह हाई टेंपरेचर में भी लंबे समय तक सक्रि’य रह सकता है. फ्रांस में वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा किए गए शो’ध में इस बात का खु’लासा हुआ है. काफी पहले से ऐसे दावे किए जा रहे थे कि कोरोना वाय’रस अधिक तापमान में नि’ष्क्रिय हो जाता है.

दक्षिणी फ्रांस की एइक्स मार्सियेले यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रेमी शेरेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस भ्रां’ति से पर्दा उठाया है. रेमी ने इस टेस्ट में कोरोना वाय’रस को 60 डिग्री सेल्सियस तापमान पर टे’स्ट किया है.60 डिग्री सेल्सियस तापमान पर करीब एक घंटा टे’स्ट करने के बाद रेमी और उनकी टीम ने पाया कि वाय’रस की कुछ किस्म अब भी संक्र’मण फैलाने में सक्ष’म थीं. यानी इतने टेंपरेचर में रहकर भी वाय’रस का नि’ष्क्रिय होना असं’भव है.

भारत में जो लोग ऐसा मान रहे थे कि गर्म देश होने की वजह से यहां कोरोना का असर कम होगा, उनकी उम्मीदों को इस रिसर्च से बड़ा झट’का लगा होगा. भारत के गिने-चुने हिस्सों में ही पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच पाता है.वैज्ञानिकों की टीम ने इस शो’ध के लिए पहले अफ्रीका में पाई जाने वाली बदरों की एक विशेष प्रजा’ति के कि’डनी सेल्स को संक्र’मित किया. सेल्स को संक्र’मित करने के लिए बर्लिन में एक आइसो’लेटेड कोरोना मरी’ज के शरीर से वाय’रस लिया गया था.

इसके बाद वाय’रस को दो अलग-अलग ट्यूब में भरा गया जो कि दो बिल्कुल अलग तरह के परिवेश (गंदा और साफ) में पनप रहा था. आखिर में टे’स्ट के बाद सामने आए परिणाम से वहां मौजूद सभी वैज्ञा’निक चौंक उठे. दरअसल, साफ-सुथरे वातावरण से लिया गया कोरोना वाय’रस हाई टेंपरेचर में नि’ष्क्रिय हो गया. लेकिन गं’दगी भरे माहौल में पनपा वाय’रस अभी भी संक्र’मण फैलाने के लिए सक्रि’य था.हाई टेंपरेचर के बाद वाय’रस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ा, लेकिन उसमें अभी भी संक्र’मण फै’लाने की पर्याप्त क्ष’मता थी.

बता दें कि कोरोना वाय’रस का सैं’पल लेने के लिए इतने ज्यादा टेंपरेचर में अधिक मात्रा में वाय’रस लोड करना भी खत’रनाक साबित हो सकता है. फ्रेंच वैज्ञानिकों ने यह भी मानना है कि ओ’वरही’टिंग के जरिए इस सम’स्या का समा’धान किया जा सकता है. मि’साल के तौर पर वायर’स के नमूनों को 15 मिनट के लिए 92 डिग्री सेल्सियस पर ग’र्म किए जाने से इसे पूरी तरह नि’ष्क्रिय किया जा सकता है.

बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना वाय’रस के अब तक 20 लाख से भी ज्यादा पॉजि’टिव केस सामने आ चुके हैं. इनमें से सवा लाख से भी ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है.मौत के सबसे ज्यादा मा’मले अमेरिका से सामने आए हैं. यहां अब तक 26,000 से ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है. जबकि स्पेन में 18,000, इटनी में 21,000 और फ्रांस में 15,000 से ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है.




