को’रोना वा’यरस से निपटने के लिए तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने के बाद अब प्रवासी मजदूरों के सामने बड़ा सं’कट खड़ा हो गया है। दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लग रहा था कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन की मियाद खत्म हो जाएगी और वे अपने घर लौट सकेंगे।

वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि विभिन्न जगहों पर फंसे मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करें। उन्होंने यह मांग ऐसे समय में की है जब लॉकडाउन के बावजूद मंगलवार को मुंबई और सूरत में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सड़क पर एकत्र हो गए। कहा जा रहा है कि ये लोग अपने घर जाने की मांग कर रहे थे।

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘आखिर हर बार हर वि’पत्ति गरीबों और मजदूरों पर ही क्यों टूटती है? उनकी स्थिति को ध्यान में रखकर फैसले क्यों नहीं लिए जाते? उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है? लॉकडाउन के दौरान रेलवे टिकटों की बुकिंग क्यों जारी थी? विशेष ट्रेनों का इंतजाम क्यों नहीं किया गया?’
उन्होंने कहा कि मजदूरों के पैसे खत्म हो रहे हैं, स्टॉक का राशन खत्म हो रहा है, वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं-घर गांव जाना चाहते हैं। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए थी।
