
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : 8 वर्षीया एक मासूम को अपनी हैवा’नियत का शि’कार बनाने वाले एक दरिं’दे को न्या’यालय ने अं’तिम सांस तक जे’ल की चारदीवारी में कै’द रहने की स’जा सुनाई है. को’र्ट ने अपने फैसले से साफ संदेश दिया कि ऐसे दरिंदे की समाज में कोई जगह नहीं है. उसे अब ताउ’म्र जे’ल में ही गुजा’रनी पड़ेगी मतलब जब तक वह जिं’दा रहेगा तब तक जे’ल की सला’खों के पीछे ही रहेगा. पॉ’क्सो को’र्ट के एडिशनल जिला एवं सत्र न्या’याधीश दीपक कुमार ने कहा- आरो’पी ने क्रू’रता पूर्वक एक जघ’न्य वा’रदात को अंजा’म दिया है, उसे जिंदगी की आ’खिरी सां’स तक जे’ल में ही बि’तानी होगी. .

अदा’लत में फै’सला सुनाए जाने के दौरान दो’षी सुजीत कुमार राम पूरे समय शां’त खड़ा रहा और फै’सला सुनाए जाने के बाद अदा’लत से निकलते समय श’र्म से अपना चेहरा छु’पाता रहा. विशेष पुलिस अभिर’क्षा के बीच उसे पे’शी के लिए लाया गया था और न्या’यालय का फै’सला आने के बाद उसे आनन-फानन में जे’ल ले जाया गया. न्यायालय ने आरो’पी युवक को आजी’वन कारावास के साथ ही 50 हजार रुपये के जु’र्माना/अर्थदं’ड की सजा सुनाई है. पी’ड़िता को प्रतिकर के रूप में अर्थदं’ड की धनराशि के साथ पुनर्वा’सन के लिए जिला विधिक प्रा’धिकार को दस लाख रुपये दिए जाने का आदे’श दिया है.

अप’राध पी’ड़ित प्रतिकर यो’जना के प्रा’वधान के तहत अप’राध से पी’ड़ित व्यक्तियों को जिला वि’धिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पुन’र्वास एवं प्रतिकर की सहा’यता दिलाई जाती है. सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियो’जक पॉ’क्सो को’र्ट अजय कुमार ने पी’ड़िता की तरफ से प’क्ष रखा. विशेष लोक अभि’योजक अजय कुमार ने बताया कि मामला जिले के औराई थाना क्षेत्र इलाके का है. उन्होंने पॉ’क्सो को’र्ट के एडिशनल जिला एवं सत्र न्या’याधीश दीपक कुमार की अदालत द्वारा आजी’वन का’रावास फै’सले को परिभाषित करते हुए कहा- आरो’पी को जिंदगी की अं’तिम सांस तक जे’ल में ही रहना होगा.

क्या है मामला
औराई थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार 2 मई 2018 की दोपहर मा’नवता को श’र्मसार करते हुए एक वह’शी दरिंदे युवक ने सात वर्षीय बच्ची को बह’ला फु’सलाकर चौर में ले जाकर उसके साथ दु’ष्कर्म किया था. ज’ख्मी अवस्था में बच्ची ने घर आकर मां को सारी बात बताई और माँ के साथ आरो’पित के घर जाकर उसने आरो’पी सुजीत कुमार राम की पह’चान की. स्थानीय स्तर पर मामला सल’टाने का भी प्रयास किया गया. इस बीच एक जि’म्मेदार नागरिक की हैसि’यत से सरपंच पति तकी अहमद द्वारा औराई थाने को मामले की जानकारी दी गई.

जिसके उपरांत औराई थाना के दा’रोगा और स्थानीय चौकीदार तेज नारायण आ’रोपी को पक’ड़कर औराई थाने ले गए. थाने से जमादार रमाशंकर सिंह, मिथलेश कुमार पी’डि़ता बच्ची को पी’एचसी लेकर पहुंचे जहां उसकी प्राथमिक चिकि’त्सा कर डॉ’क्टरों ने बेहतर इ’लाज हेतु एसकेएमसीएच रे’फर कर दिया था. इस मामले में महिला थाना में पी’ड़िता के परिजनों के बयान के आधार पर प्राथ’मिकी 20/2018 द’र्ज की गई थी.
आरो’पी के घर उसके भाई की शादी चार मई को होनी तय थी, जिस दौरान 1 मई 2018 की रात एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. आरो’पित युवक ने रात भर शराब पी थी और हं’गामा करता रहा था. दु’ष्कर्म की घट’ना को अं’जाम देने वाले आरो’पी के खि’लाफ स्थानीय ग्रामवासियों ने प्रशासन से एकस्वर में फां’सी की स’जा देने की मां’ग भी की थी.















