NEW DELHI : CRPF जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्स’लियों ने गुरुवार को रिहा कर दिया. बीती 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले के दौरान नक्स’लियों ने उन्हें अग’वा कर लिया था. इसके छह दिन बाद राकेश्वर सिंह को सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में कुछ अन्य लोगों के साथ छो’ड़ दिया गया. खबर सामने आने के बाद CRPF जवान के परिवार सहित पूरे देश में खुशी की ल’हर दौड़ गई. लेकिन इस खुशी के लिए केवल सरकार जि’म्मेदार नहीं है. उसके अलावा भी अन्य लोग हैं, जिन्होंने जवान की रि’हाई के लिए भरस’क प्रया’स किए. इनमें कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल रहे. CRPF के आईजी ने एक पत्र जारी कर इन लोगों का आभा’र जताया है. https://twitter.com/PravinSindhu/status/1380198847985512456?s=20
पत्रकार बने मध्य’स्थ
राकेश्वर सिंह मनहास के सुरक्षित CRPF कैं’प पहुंचने के बाद बस्तर रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने कहा,
‘पद्मश्री विजेता गांधीवादी धर्मपाल सैनी, आदिवासी नेता तेलम बोरैया के अलावा पत्रकार गणेश मिश्रा और मुकेश चंद्राकर का बहुत-बहुत शुक्रिया, जिन्होंने CRPF जवान को रि’हा कराने में महत्वपूर्ण भूमि’का निभाई.’
बीजापुर में हुई जबर्द’स्त मु’ठभेड़ में सुर’क्षा बलों के 22 जवान शही’द हो गए थे और दर्जनों घा’यल हो गए थे. उसी बीच राकेश्वर सिंह के लाप’ता होने की खबर आई थी. तबसे ही सरकार उनकी रि’हाई के लिए प्रया’स कर रही थी. उसने नक्स’लियों और उसके बीच मध्य’स्थता के लिए दो सदस्यीय टीम भी बनाई. इसमें पद्मश्री से सम्मानित गांधीवादी धर्मपाल सैनी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया को शामिल किया गया. ये लोग लगातार राकेश्वर सिंह की रि’हाई के लिए मा’ओवादियों से बातचीत कर रहे थे. लेकिन कुछ और लोग भी थे, जिन्होंने CRPF को छु’ड़ाने में बड़ी भूमिका निभाई. https://twitter.com/GarfieldVerma/status/1380218824897654785?s=20 लोकल अखबारों की रिपोर्टों से पता चलता है कि सरकार के प्रयासों से अलग कई पत्रकार लगातार इस मामले को लेकर मा’ओवादियों के संपर्क में बने हुए थे. वे ना सिर्फ राकेश्वर सिंह की जानकारी जुटा रहे थे, बल्कि उनकी रि’हाई के बारे में भी पता कर रहे थे. इन पत्रकारों में गणेश मिश्रा, मुकेश चंद्राकर, श्री राजा राठौर और श्री शंकर प्रमुख थे. इनके अलावा भी कुछ पत्रकार थे जो मा’ओवादियों और CRPF के बीच लगातार संवा’द का पुल बने हुए थे. मीडिया रिपोर्टों में इन पत्रकारों की कुल संख्या 7 बताई जा रही है.

इन्हीं में से एक पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने न्यूज 18 चैनल को बताया कि वह और दूसरे पत्रकार लगातार माओवादियों से जवान को आजा’द करने की बात कर रहे थे. मुकेश ने बताया,
‘बुधवार को मा’ओवादियों ने हमें बुलाया और हमें जगरगोंडा के जंग’लों में आने को कहा. यह वही जगह है जहां पर पिछले हफ्ते CRPF और मा’ओवादियों में मु’ठभेड़ हुई थी. मध्य’थता करने वाले दूसरे लोगों के साथ कुछ जर्नलिस्ट वहां पहुंचे. यह गुरुवार का दिन था. उसके बाद सबको 15 किलोमीटर जंग’ल के भीतर ले जाया गया.’
https://twitter.com/GarfieldVerma/status/1380187041623810048?s=20 इसके बाद पामेड़ एरिया कमेटी के सेक्रेटरी मनीला ने जन अदा’लत बुलाई. इस अदा’लत में 20 गांव के लोग हि’स्सा लेते हैं. मा’ओवादी फै’सले सुनाने के लिए इस तरह की जन अदा’लतें लगाते हैं. वे वहां मौजूद लोगों से ही पू’छते हैं कि क्या किया जाए. फिर कहे मुताबिक स’जा देते हैं. जब मा’ओवादियों ने 20 गांव की जन अदा’लत के सामने जवान राकेश्वर सिंह को पे’श किया तो अदालत ने एक मत से यह फै’सला दिया कि उन्हें छो’ड़ दिया जाए.
Source : The LallanTop
इसके बाद वो तस्वीरें सामने आई, जिनका पूरा देश इंत’जार कर रहा था. इनमें राकेश्वर सिंह कुछ लोगों के साथ बाइक पर दिखाई दिए. कुछ ही देर बाद उन्हें CRPF के अन्य जवानों के साथ देखा गया. वहां धर्मपाल सैनी और अन्य लोगों के साथ राकेश्वर सिंह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फै’लीं. इस बीच, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि CRPF के फील्ड अस्प’ताल में राकेश्वर को सामान्य उप’चार दिया जा रहा है.














