सामने से आ रही ट्रेन के सामने ट्रैक पर गि’रा नेत्रही’न मां का बच्चा, देखिए कैसे पॉइंटमैन ने ब’चाई जा’न 

सीसीटीवी पल दिखाता है रेलकर्मी बच्चे को ट्रेन से बचाता है NEW DELHI : जाको राखे साइयां मा’र सके ना कोई, ये कहा’वत एकबार फिर सच सा’बित हुई है। पूरा मामला मुंबई से सटे बदलापुर के वांगनी स्टेशन की है। यहां एक बच्चा अपने नेत्रही’न मां से प्लेटफॉर्म नंबर 2 साथ चल रहा था। तभी उसका बैलेंस बि’गड़ गया और वो रेलवे टैक पर गि’र गया। इस दौरान उसी ट्रैक पर तेजी से एक सुपरफा’स्ट ट्रेन आ रही थी। बच्चे के सामने मौत नजर आ रहा था और लाचार नेत्रही’न मां को कुछ समझ में नहीं रहा था। वह छ’टपटा रही थी, लेकिन कुछ कर नहीं पा रही थी। तभी एक शख्स देवदू’त यानी मसी’हा बनकर आया और बच्चे को किसी तरह ब’चा लिया। बच्चे के सामने मौ’त खड़ी थी, ट्रेन कुछ मीटर की दूरी पर था, तभी तेज दौ’ड़ लगाता एक शख्स आता है और अपनी जा’न की पर’वाह किए बगैर बच्चे को ब’चा लेता है। पूरा मामले प्लेटफॉ’र्म पर लगे सीसीटीवी में कै’द हो गई।

https://twitter.com/RailMinIndia/status/1384020082615984131?s=20

सोशल मीडिया पर इस घट’ना का वीडियो जमकर वाय’रल हो रहा है। वीडियो में सा’फ देखा जा सकता है कि कैसे बच्चा रेलवे ट्रैक पर गि’रा और ऐन वक्त पर पास ही मौजूद पॉइंटमैन मयूर शेलके ने अपनी जान की परवाह किए जां’बाजी दिखाते हुए बच्चे को ब’चा लिया। इस घ’टना का वीडियो जमकर वाय’रल हो रहा है और मयूर शेलके की तारी’फ की जा रही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर मयूर शेलके की ता’रीफ की है।

https://twitter.com/PiyushGoyal/status/1384019112414760962?s=20

पूरा घटना 17 अप्रैल के शाम पांच बजे की है। प्लेटफार्म पर लगे CCTV कैमरे में कै’द में एक लड़का चलते हुए पटरियों पर गि’रता हुआ नजर आ रहा है। उसके गि’रने के बाद बच्चे की मां वहीं बैठकर चि’ल्लाने लगती है। इस बीच पॉइं’ट्समैन मयूर शेलके उनकी आवाज सुनकर म’दद को आता है। मयूर शिल्के चंद सेंकेडों के भीतर बच्चे तक पहुंचता है और महज 3 सेकेंड के भीतर ते’जी से बच्चे को उठाकर प्लेटफॉ’र्म पर रखता औैर खुद भी फुर्ती से प्लेटफॉ’र्म पर आ जाता है। मयूर शिलके और ट्रेन के बीच महज 2 सेकेंड का ही अंतर था। यदि मयूर शिलके ने उस वक्त जां’बाजी नहीं दिखाया होता तो वहां कुछ भी हो सकता था।

https://twitter.com/RailMinIndia/status/1384151498142093335?s=20

I ran towards child but also thought...': Railwayman who saved 6-year-old |  Hindustan Times

मयूर की बहा’दुरी को देखते हुए अब हर कोई उनकी ता’रीफ कर रहा है। शेलके के इस सा’हस भरे कार्य पर रेलवे को भी नाज है। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शेलके रेलवे फील्ड व’र्कर हैं जिनका काम यह देखना होता है कि ट्रेन सि’ग्नल सही तरी’के से काम कर रहा है या नहीं। हमें खुशी है कि शेलके ने नेत्रही’न मां की आवाज सुनी और उसके बच्चे को ब’चाया। शेलके का कहना है कि ड्यूटी पर थे बच्चे को देखा और दौड़ पड़े। बच्चे को ऊपर किया और जैसे तैसे चंद सेकेंड में खुद प्लेटफार्म तक आ सके।

Input : NEWS24

                            

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