बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 एजेंडों पर मुहर लगी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और जिला विकास आयुक्त (DDC) के पावर में सरकार ने कमी की है। साथ ही प्रदेश में 3 नए विश्वविद्यालय के गठन को भी मंजूरी दी गई है। मामूली मामलों में जेल में बंद हैं कैदियों को भी रिहा करने का फैसला लिया गया है।
इंजीनिरिंग ,मेडिकल और खेल के लिए अलग यूनिवर्सिटी बनेगी
बिहार में अब खेल विश्वविद्यालय बनने का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। मुख्य सचिवालय में हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक 21 एजेंडों पर मुहर लगी है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बीडीओ और डीडीसी के अधिकारों में कटौती की है। अब कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी या फिर उप सचिव स्तर के अफसरों को ज्यादा अधिकार दे दिया गया है। राज्य के अंदर 3 नए विश्वविद्यालय के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है। इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के साथ-साथ मेडिकल यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के गठन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है ।
1 से 4 महीने बची है सजा तो मामूली मामलों में बंद कैदी होंगे रिहा
सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में 1-1 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का फैसला किया है। साथ ही साथ हर विधानसभा क्षेत्र में पांच उप स्वास्थ्य केंद्र भी खोले जाएंगे। सरकार ने एक और बड़ा फैसला करते हुए जेल में मामूली मामलों में बंद कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। वैसे कैदी जिनकी सजा 1 से 4 महीने बची हो और जो मामूली मामलों में जेल में बंद हैं। उन्हें रिहा किया जायेगा ।