बिहार में सरकार को मिले मोबाइल टावर के 3900 आवेदन, पटना में सबसे अधिक को मिली एनओसी

बिहार में लगने वाले एक-एक मोबाइल टावर का हिसाब अब सरकार के पास आने लगा है। इससे अवैध मोबाइल टावरों पर लगाम तो लगी ही है, शहरी निकायों को राजस्व की भी प्राप्ति हो रही है। इसी तरह अब सड़कों को काटकर बिछाए जाने वाले आप्टिकल फाइबर के लिए भी आवेदन व फीस जमा करनी पड़ रही है। अभी तक राज्य में मोबाइल टावर व आप्टिकल फाइबर के लिए 3914 मिले हैं, जिसमें 25 को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर गई है। सबसे अधिक आठ-आठ एनओसी पटना और पश्चिमी चंपारण जिले में दी गई है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर व भागलपुर में तीन-तीन, पूर्वी चंपारण में दो और कटिहार में एक को अनुमति मिली है। करीब 3745 आवेदन अभी लंबित हैं, जिसमें 90 आवेदन प्रक्रियारत हैं। अधिकारियों के अनुसार, कोरोना काल के कारण आवेदन बड़ी संख्या में लंबित रह गए हैं, जिन्हें प्राथमिकता के हिसाब से निबटाया जा रहा है।

पटना में सबसे अधिक, शिवहर में सबसे कम आवेदन

मोबाइल टावर लगाने व आप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए सबसे अधिक आवेदन पटना जिले से 270 आवेदन राजधानी पटना से मिले हैं। गया 249 के साथ दूसरे व पूर्वी चंपारण 228 आवेदन के साथ तीसरे स्थान पर है। सबसे कम 27 आवेदन शिवहर जिले से मिले हैं।

आनलाइन स्वीकृत हो रहे आवेदन

राज्य के शहरी निकायों में मोबाइल टावर लगाने या ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इसके लिए केवल लाइसेंसधारक ही आवेदन कर सकते हैं। उन्हें स्थानीय निकाय में निर्धारित तय शुल्क के साथ आनलाइन आवेदन करना होता है। नगर पंचायत के लिए 16 हजार, नगर परिषद के लिए 18 हजार और नगर निगम के लिए एकमुश्त 20 हजार रुपये शुल्क देना है। इसके अलावा आवेदन स्वीकृत होने पर भूमि उपयोग के लिए प्रति वर्ग फीट की दर से शुल्क लिया जा रहा है।null

  • 20 हजार अनुमति शुल्क है नगर निगम क्षेत्र में
  • 18 हजार अनुमति शुल्क नगर परिषद क्षेत्र में
  • 16 हजार अनुमति शुल्क नगर पंचायत क्षेत्र में

बिना अनुमति टावर लगाने पर जुर्माना

शहरी निकायों के पदाधिकारी आवेदनों की जांचकर जांचकर एनओसी देते हैं। इसके अलावा जिला व राज्यस्तर पर दूरसंचार समिति का भी गठन किया गया है, जहां आवेदन अस्वीकृत होने पर अपील की जा सकती है। बिना अनुमति के टावर लगाने वालों पर संबंधित निकाय और जिला स्तर पर गठित दूरसंचार समिति जुर्माना भी लगाएंगी।

सबसे अधिक आवेदन वाले जिले

जिला        आवेदन   स्वीकृत

पटना          270      08

गया           249      00

पूर्वी चंपारण  228       02

नालंदा        204      00

मुजफ्फरपुर   197      03

सबसे कम आवेदन वाले जिले

जिला        आवेदन   स्वीकृत

शिवहर       27        00

अरवल       28        00

कैमूर        31        00

जहानाबाद   39        00

लखीसराय   41        00

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading