सुकून की बात है कि अब जिले में काेराेना संक्रमित नहीं मिल रहे, लेकिन इससे मिलते-जुलते लक्षण वाले वायरल व माैसमी रोगों से लोग बीमार हो रहे हैं। सर्दी, खांसी, बुखार, जॉण्डिस, टाइफाइड मरीजाें से अस्पतालों के ओपीडी में सुबह से ही कतार लग जा रही है।
मिलते-जुलते लक्षण के कारण मरीज व परिजन कोरोना की आशंका से भयभीत हैं। इस बीच डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। रविवार को 5 मरीज मिले हैं। जिला वेक्टरजनित रोग नियंत्रण अधिकारी डाॅ. सतीश कुमार ने बताया कि कांटी में दो, सरैया में एक तथा मीनापुर में एक मरीज मिला है।

चिकित्सक व विशेषज्ञाें का कहना है कि ऐसे में सबसे जरूरी है एहतियात बरतना। यदि काेई बीमार हाेता है ताे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा लें। घबराएं नहीं। टाइफाइड या जॉण्डिस निकलने या 3 दिन दवा लेने के बाद भी बुखार कम नहीं हाेने पर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच कराएं।

इन कारणाें से हाे रहीं माैसमी बीमारियां
वरीय चिकित्सक डॉ. नवीन कुमार व शिशु राेग विशेषज्ञ डॉ. अरुण शाह के अनुसार मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बड़ी संख्या में बच्चे-बुजुर्ग सब बीमार हो रहे हैं। खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखें। इलाज में देरी होने पर उन्हें जॉण्डिस और ब्राेंकाेलाइटिस हाे सकता है। सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर में दर्द होने पर घबराना नहीं चाहिए।
जॉण्डिस में भी भूख नहीं लगना, बुखार आना, पेशाब पीला होना, जी मिचलाना, चक्कर आना आदि लक्षण होते हैं। ऐसे में चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें और एहतियात बरतें। हाेमियाेपैथ चिकित्सक डाॅ. कमर आलम कहते हैं कि बरसात व इसके खत्म हाेते समय में बीमार होने के मुख्य कारण गंदगी, मच्छर-कीड़े, अशुद्ध पानी पीना, वातावरण में नमी आदि हैं। इन कारणों से वायरल फीवर, डायरिया, मलेरिया, पीलिया, डेंगू व स्किन प्रॉब्लम तक हो सकते हैं।

इस तरह से करें बचाव
- दूषित पानी से न नहाएं और न ही पीएं
- अभी आइसक्रीम, दही से दूरी बनाए रखें
- खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ नहीं लें
इन सबका करें पालन
- साफ-सफाई का विशेषकर ध्यान रखें
- खाने से पहले-बाद में हाथ जरूर धोएं
- खाने-पीने की चीजें हमेशा ढंककर रखें
- मरीज काे अन्य व्यक्ति से थोड़ा दूर रखें
- तबीयत खराब हाे ताे डाॅक्टर से दिखाएं
- सुबह-शाम नींबू डाल कर गर्म पानी लें
- तुलसी का काढ़ा बना उसका सेवन करें
- गर्म खाना खाएं, भरपूर पानी लेते रहें
- हरी, पीली, लाल सब्जियां व फल लें।
