मुजफ्फरपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भादो अमावस्या पर शहर के रसूलपुर जिलानी स्थित बोधि आश्रम में सृष्टि पर्व मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित हवन यक्ष में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहूति डालकर विश्व कल्याण के लिए कामना की। आध्यात्मिक गुरु प्रभात कश्यप और गुरु मां बोधि कश्यप के सानिध्य में 2 हजार शिष्यों और भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ हवन पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम में भक्तों ने बढ़चढ़ हिस्सा लिया।
गुरु मां बोधि कश्यप ने कहा कि भादो अमावस्या के दिन ही भगवान शिव ने सृष्टि का निर्माण किया था। इस दिन किसी भी समय में किया कोई भी कर्म तुरंत ही फलवित होता है। इस दिन पूरे ब्रह्माण्ड में चारों तरफ अमृत वर्षा होती है जो किसी भी मानव के आध्यात्मिक, शारीरिक मानसिक सभी चेतनाओं को पूर्ण ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस दिन प्रत्येक मानव को अपने ऊर्जा केंद्र पर अपना ध्यान केंद्रित कर पदमासन में बैठकर हवन करना चाहिए ताकि, हवन की ऊर्जा सभी लोगों के अंदर पूर्णत: समाहित हो सके। गुरु प्रभात कश्यप ने कहा कि 63 प्रकार की लकड़ी एवं 351 प्रकार की हवन सामग्री से हविश तैयार होता है। हवन रात भर होता है और सुबह सूर्योदय के साथ आरती और पूर्णाहुति होती है। बोधि मां ने कहा कि मानव का पहला कर्त्तव्य है सृष्टि की रक्षा करना।
आज के दिन सिर्फ 11 बार अग्नि में हविश डालने से किसी भी मानव का जाने अंजाने किये हुए कोई भी गलत कार्य का प्रायश्चित हो जाता है। साथ में यहां कालसर्प दोष और पितृदोष का भी निवारण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि 27 वर्षों से भादो अमावस्या पर सृष्टि उत्सव मनाया जाता रहा है। इसमें शहर सहित दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होकर हवन यज्ञ में आहूति डालते है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अमृतेश, विपिन, अभिरंजन, कविंद्र, राजेश कुमार, पराग, रंजीत, सुशील कुमार, मंटू, ब्रजेश, चानू, अभिषेक, आदर्श, आदित्य, उपेंद्र, आमोद, मुकेश ने सहयोग किया।


