खेल मंत्री ने खेल संघो को खेल नीति से जुड़ने का दिया न्योता
मुजफ्फरपुर। बिहार के खेल मंत्री आलोक रंजन ने कहा कि खेल भावना के तहत काम करने से ही बिहार में खेल का विकास संभव है । उन्होंने बिहार में संचालित तमाम खेल संघों को सरकार के साथ खेल नीति से जुड़कर काम करने को प्रोत्साहित किया और कहा कि संघ और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही खेल का विकास कर सकते हैं और हम बिहार में वह माहौल खड़ा कर सकते हैं जहां से यहां के खिलाड़ी न सिर्फ ओलंपिक में प्रतिभागी बन सकेंगे बल्कि हम पदकों की होड़ में भी शामिल हो सकेंगे ।
खेल मंत्री बिहार अथलेटिक्स संघ के तत्वावधान और मुजफ्फरपुर जिला अथलेटिक्स संघ की मेजबानी में एलएस कॉलेज मैदान में सोमवार को प्रारंभ हुए 87 वें बिहार राज सीनियर व जूनियर एश अथलेटिक मीट के उद्घाटन के उपरांत बोल रहे थे । उन्होंने स्वीकार किया कि झारखंड राज्य के अलग होने के बाद बिहार खेल जगत आधारभूत संरचना के क्षेत्र में पिछड़ गया था । हालांकि एन डी ए की सरकार आने के बाद से इस क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी प्रखंडों में स्टेडियम के निर्माण की योजना है। इसके तहत खेल मंत्रालय ने 350 स्टेडियम बनाने की स्वीकृति दी है जिसमें 200 स्टेडियम का निर्माण पूर्ण हो चुका है ।

उन्होंने राजगीर में 750 करोड़ की लागत से राज्य खेल अकादमी के निर्माण का हवाला दिया और बताया कि अगले छह माह में अकादमी क्रियाशील हो जाएगी। तब बिहार के खिलाड़ियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण के लिए बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा । उन्होंने खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि देश स्तर पर यह छठा खेल विश्वविद्यालय है ।इसके स्वरूप में आने से बिहार में खेल का बेहतर विकास हो सकेगा ।उन्होंने कहा कि बिहार सरकार और खेल मंत्रालय बिहार में खेल के विकास को संकल्पित है ।
पिछले दिनों सरकार स्तर पर दो दो आईएस की टीम बनाकर देश के उन चार राज्यों में भेजा गया जहां खेल की स्थिति समृद्ध है। यह कोशिश इस कारण से की गई है कि हमारे आईएस वहां के माहौल और खेल संस्कृति का आकलन कर बिहार में भी वह माहौल बनाने की कोशिश करेंगे ।उन्होंने पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण खेल गतिविधि बाधित होने के बावजूद खेल सम्मान समारोह कराने का हवाला दिया और कहा कि सरकार स्तर पर हमारी योजना है कि यहां के खिलाड़ी कैसे राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खुद को निखार सकें। खेल मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर धरती को अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल करने का सौभाग्य मिला है। यहां के खिलाड़ी प्रमोद ने पैरालंपिक में पदक हासिल कर जिला को गौरवान्वित किया है।
स्मार्ट सिटी के तहत पंडित नेहरू स्टेडियम को क्रिकेट स्टेडियम में परिणत करने को लेकर उठ रहे विवाद पर खेल मंत्री ने कहा कि इसी माह के अंत में या अगले माह के प्रथम सप्ताह में मुजफ्फरपुर आकर इस मामले में खेल संघों के साथ बैठकर उचित माहौल तैयार कराया जाएगा। वह क्रिकेट के विरुद्ध नहीं हैं लेकिन अन्य खेलों का समग्र विकास कैसे हो इस बात पर नजर रहेगी। खेल मंत्री ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्रालय में भेजे गए इस प्रस्ताव में से 11 प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं शीघ्र ही मुजफ्फरपुर में भी एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रेक लगेगा। मौके पर बिहार अथलेटिकस असोसिएशन के अध्यक्ष सलीम परवेज , सचिव लियाकत अली, जिला अथलेटिक्स संघ के संरक्षक अनिल सिन्हा, एलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओपी राय , डा संजय सिंहा, जिला अथलेटिकस संघ के अध्यक्ष प्रमोद राम, सचिव मृर्तुन्जय कुमार आदि उपस्थित थे।






