मुजफ्फरपुर। एमफिल व पीएचडी में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश प्रक्रिया तैयार की जा सकती है।
यूजीसी की ओर से शोध की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी कमेटी ने 2 साल पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया था इस बीच कोरोना काल में सभी प्रक्रिया ठप हो गई।
हालात सामान्य होने पर अब फिर से पहल शुरू की जा रही है कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि पिछले कुछ सालों में शोधार्थियों की संख्या बढ़ी है।
लेकिन, शोध के स्तर में काफी गिरावट आई है। रिपोर्ट के अनुसार 30 फीसदी साहित्यिक चोरी व फर्जीवाड़ा होता है कमेटी ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि दोनों प्रोग्राम में दाखिला के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर शोध की गुणवत्ता सुधारने के लिए अन्य सुझाव भी मांगा है। इससे पहले भी यूजीसी की ओर से शोध कार्य में चोरी रोकने के लिए दिशा निर्देश दिया गया। सौजन्य : प्रभात खबर
