मुजफ्फरपुर। शहर की सफाई व्यवस्था में कई खामियां है जिसे दुरूस्त करना जरूरी है। स्थिति यह है कि नाले की उड़ाही करके सड़क किनारे छोड़ दिया जाता है।

इससे धूल कण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। इस तरह से नगर निगम को अपने सुस्त चाल की रफ्तार को बढ़ाना होगा।
वर्तमान में शहर की सफाई व्यवस्था में कई कमियां को दूर करना आवश्यक है। सालों तक नाला से पानी का बहाव होता रहे इसके लिए उसकी उड़ाही तो होती है, मगर नाला से निकले कचरे को सड़क पर फैला दिया जाता है।
साथ ही कई दिनों तक उसका उठाव नहीं होता। इससे कीचड़ सूख कर धूल बना जाता है। यह धूल सेहत पर विपरीत प्रभाव डालता है।
साथ ही पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। नाला से निकाल सड़क पर कीचड़ फैलाने से जमा की समस्या भी होती है।
वाहनों के चक्का से लगकर कीचड़ दूर तक फैल जाता है। यह व्यवस्था सही नहीं है। वहीं सड़क पर कीचड़ फैलाने से नारकीय स्थिति बन जाती है।
वहीं निगम को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। दूसरी ओर सड़क पर गली-मोहल्लों में मलबा पड़ता है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होता है लेकिन निगम की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती । सिटी मैनेजर ओमप्रकाश के अनुसार नाला सफाई के साथ ही कचरे के निष्पादन की व्यवस्था को चेंज करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे है
