मुजफ्फरपुर। केंद्रीय मंत्रालय की ओर से विकसित विद्यांजलि पोर्टल उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मददगार होगा।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से विवि के कुलपति और सभी अंगीभूत कालेज के प्राचार्यो को पत्र भेजा गया है। कहा गया है कि उच्च शिक्षा के लिए तैयार किए गए विद्यांजलि पोर्टल से ख्याति प्राप्त संस्थान, नामचीन शिक्षक और युवा प्रोफेशनल जुड़ेंगे।

वे स्नातक, पीजी और पीएचडी के अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढने और रोजगार के अवसर तलाशने में विद्यार्थियों की मदद करेंगे।
यूजीसी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अधिक से अधिक शिक्षण संस्थान इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें। छात्र-छात्राओं को भी जागरूक करें ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।
उच्चतर शिक्षण संस्थानों की ओर से उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें एनआरआइ प्रोफेशनल भी विद्यार्थियों की मदद करेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों को विकसित किया जाएगा।
सीएसआर के माध्यम से लैब, डिजिटल उपकरण, बिजली के उपकरण आदि जैसे बुनियादी ढांचे के लिए भी अनुदान दिया जाएगा। विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए देशभर में करीब पांच हजार शिक्षण संस्थान खोलने की योजना है।
इन संस्थानों में नेशनल एजुकेशनल एलाइंस फार टेक्नोलाजी (एनइएटी) के तहत 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को दी जाएगी। टीसीएच, इंफोसिस, एचसीएल, माइक्रोसाफ्ट, विप्रो जैसी कंपनियां भी जुड़ीं हैं।

