बिहार : कोरोना की तीन लहरों में बंद हुए स्कूलों ने पढ़ाई का पूरा तरीका ही बदल दिया है। स्कूल तो खुल गए लेकिन बच्चे आज भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समय दे रहे हैं। ऐसा इसलिए कि यहां बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जा रहा है। बांका की रूबी कुमारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर यूट्यूब वाली चमकी को बच्चे खूब पसंद कर रहे हैं। लॉकडाउन में तैयार किए गए रूबी के प्लेटफॉर्म और खेल खेल में पढ़ाई की ट्रिक के तो अमिताभ बच्चन तक कायल हुए। कोरोना की तीसरी लहर के बाद स्कूल तो खुल गए हैं, लेकिन गार्जियन का कहना है कि बच्चे आज भी खेल खेल में पढ़ाई वाले वीडियो से काफी जुड़े हैं। वह अब भी ऐसी ही पढ़ाई चाहते हैं, जिसमें खेल खेल में विषय का ज्ञान हो जाए।

बांका के बौंसी स्थित सरौनी मध्य विद्यालय की साइंस टीचर रूबी कुमारी का कहना है कि लॉकडाउन में जो सिलसिला शुरू हुआ वह उसे बंद नहीं होने दी हैं। स्कूल खुल गए हैं, लेकिन वह आज भी स्कूलों में खेल खेल में पढ़ाई कराती हैं। पढ़ाई का यह ट्रिक वह बांका तक सीमित नहीं रखना चाहती हैं। रूबी अपने यूट्यूब चैनल पर स्कूल की वीडियो लोड करती हैं, जिसे पूरे बिहार के बच्चे देखते हैं। बच्चों को उनका यह प्रयोग काफी भा रहा है, हर वीडियो के लिए उन्हें फीडबैक मिल रहे हैं। इससे उनका मनोबल और बढ़ रहा है।


वह अब हर दिन बच्चों के लिए नए नए कंटेट के साथ खेल खेल में पढ़ाई का वीडियो बनाकर अपलोड कर रही हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए पैकेज स्कूल खुलने के बाद भी बिहार में नए ट्रेंड की तरफ बढ़ रहे हैं। रूबी के साथ बिहार में अन्य कई प्लेटफॉर्म पर बच्चों के लिए ऐसे मैटेरियल तैयार किए जा रहे हैं। पटना के किदवईपुरी की रहने वाली रितु चौबे का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई को लेकर कुछ नए प्रयोग हुए जो काफी मददगार साबित हुए। ऐसे प्रयोग बच्चों को इतना पसंद आए कि आज स्कूल खुलने के बाद भी बच्चे मोबाइल पर एजुकेशन के वैसे ही कंटेंट वीडियो सर्च करते हैं जिसमें खेल खेल में पढ़ाई हो जाए। इसमें बच्चों के मनोरंजन के साथ पढ़ाई भी हो रही है।

स्कूल खुलने के बाद भी सोशल मीडिया पर बच्चों के कंटेंट उन्हें जोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में यूट्यूब की चमकी भी शामिल है। ‘चमकी के बेस्ट फ्रेंड्स’ में चमकी नाम की एक पांच वर्षीय चुलबुली और जिज्ञासु बच्ची के साथ-साथ उसके बेहद प्यारे दोस्तों-एल्मो और कुकी मॉन्स्टर की रंग-बिरंगी दुनिया दर्शाई गई है। यह बच्चों को काफी भा रहा है क्योंकि इसमें खेल खेल में ही ज्ञान की बात है। बच्चों को लगता भी नहीं कि वह पढ़ाई कर रहे हैं और ज्ञान की बात हो जाती है। कोरोना महामारी के दौरान आई यूट्यूब वाली चमकी बच्चों को अपना दीवाना बना ली है।

‘चमकी के बेस्ट फ्रेंड्स’ का फरवरी में दूसरा सीजन भी लांच कर दिया गया है। दूसरे सीजन को लेकर सेसमी वर्कशॉप इंडिया की प्रबंध निदेशक सोनाली खान का कहना है कि ‘स्कूलों के बंद होने, आय घटने और अनिश्चितता के माहौल के कारण बच्चों का शैक्षणिक, सामाजिक, भावनात्मक, संज्ञानात्मक व रचनात्मक विकास अकल्पनीय रूप से प्रभावित हुआ है। मन को गुदगुदाने, और दिल को छू जाने वाली संवेदनशील कहानियों के जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि परिवारों को ऐसा सार्थक माहौल मिले, जिसमें उम्मीदों के साथ-साथ हंसने-खिलखिलाने और एक-दूसरे के साथ जुड़ने के पर्याप्त मौके हो।