बिहार : राज्य के 72 हजार प्रारम्भिक स्कूलों में सोमवार से बच्चों को पका हुआ भोजन नसीब होगा और अब सूखा राशन की व्यवस्था समाप्त होगी।

कोरोना की वजह से राज्य के सभी स्कूलों में वर्ष 2020 से ही मिड डे मील बन्द रहा और इसके एवज में बच्चों को सूखा राशन दिया जा रहा था लेकिन स्थिति सामान्य होते ही मिड डे मील निदेशक के आदेश पर आज से सभी 38 जिलों में इसकी फिर से शुरुआत हो गई है।

हालांकि स्कूल भी ज्यादातर समय बन्द ही रहे और जब खुले भी तो सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई थी। एक तरह से मिड डे मील शुरू होते ही बच्चों के चेहरे आज खिल उठे हैं।

शिक्षा विभाग का मानना है कि मिड डे मील मिलने से अब बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी और मन से पढ़ाई कर सकेंगे। पीएम पोषण योजना के तहत प्रारंभिक स्कूलों में आज से भौतिक रूप से मिड डे मिल शुरू होने को लेकर सभी डीपीओ को पहले से निर्देश है।

मिड डे मील निदेशक के आदेश के मुताबिक जनवरी, फरवरी व मार्च में कुल 67 कार्य दिवस है जिसमें से जनवरी और फरवरी के 43 कार्य दिवस का खाद्यान्न राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों के बीच वितरण करने का आदेश अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग द्वारा दिया गया है।

वहीं बाकि 24 कार्य दिवस का खाद्यान्न विद्यालयों में एवं स्वयंसेवी संस्था को पूर्व की भांति खाना पकाने के लिए उपलब्ध कराया जाना है। इस योजना कि फिर से शुरुआत होने से शिक्षकों और विद्यालय प्रधान की ड्यूटी बढ गई है और समय पर भोजन देना एक बड़ी चुनौती होगी।

