मुजफ्फरपुर। आर्य समाज ने साप्ताहिक अधिवेशन के तहत नई बजार स्थित मिश्रा टोला में वैदिक यज्ञ व सत्संग किया।
अध्यक्षता करते हुए प्रधान डॉ व्यासनंदन शास्त्री वैदिक ने कहा कि आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों के आधार पर त्रैतवाद की स्थापना की।
त्रैतवाद में ईश्वर, जीव, प्रकृति तीन अनादि सत्ताएं आती हैं। ऋग्वेद के मंत्र में रूपक अलंकार द्वारा सिद्ध किया गया है कि प्रकृति रूपी वृक्ष की समान डाली पर दो पक्षी जीव और ईश्वर मित्रवत बैठे है।
यहां ईश्वर द्रष्टा है और जीवात्मा भोक्ता हैं. इस मौके पर धर्मशाला आर्या एवं अनिला आर्या ने भजनों की प्रस्तुति की
कार्यक्रम में उप प्रधान विमल किशोर उप्पल, सत्येंद्र नारायण शर्मा, भागवत प्रसाद आर्य, अरुण कुमार आर्य मौजूद थे।



