पटना : बिहारी ड्रोन की जानें खासियत, सीएम हुए मुरीद

पटना। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वेंचरपार्क बिजनेस आइडिया कंपीटिशन में स्टार्टअप देवेश झा को प्रथम स्थान मिला है। ज्ञान भवन में आयोजित बिहार स्टार्टअप्स कांक्लेव में इन्हें सम्मानित किया जाएगा।

एक नई सोच ने देवेश को देश के साथ ही दुनिया भर में मशहूर कर दिया है। इनके बनाए ड्रोन का इस्तेमाल करने के लिए हालैंड और सूरीनाम भी इच्छुक हैं। इस ड्रोन की सराहना पीएम नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं तो नीतीश भी इसके मुरीद हैं।

12वीं पास देवेश झा मधुबनी जिले के खजौली ब्लाक के कन्हौली गांव के रहने वाले हैं। 2017 में इन्होंने फसलों की समुचित देखरेख, बीमारियों का पता लगाने और कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए ड्रोन बनाया। ड्रोन से फसलों की फोटोग्राफी कर आनलाइन मार्केटिंग की भी सुविधा किसानों को दी।

इस नई सोच को देखते हुए 2017 में ही बिहार सरकार और वर्ष 2018 में भारत सरकार ने स्टार्टअप के रूप में इनका चयन किया। इसके बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली से पांच लाख रुपये का ग्रांट मिला। अलावा, एंजल इन्वेस्टर ने 3.5 करोड़ रुपये की अलग से फंडिंग की।

देवेश झा कहते हैं- 22 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी ड्रोन की कार्यशैली को देखा और शराबबंदी में भी इसके उपयोग को लेकर निर्णय लिया गया। बिहार कृषि विश्वविद्यालय तो पहले से ही इस ड्रोन का उपयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के अलावा हरियाणा सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार भी मेरे ड्रोन प्रोजेक्ट का लाभ ले रही है। अब हौलैंड और सूरीनाम से भी ड्रोन प्रोजेक्ट की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि ड्रोन के साथ एक साफ्टवेयर को जोड़ा गया है। इससे बीमारियों का सेंसर के जरिए सटीक जानकारी मिल रही है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.