पटना। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा पर कार्य करने और शिक्षकों के वेतन आदि मद में केंद्र सरकार से 9,184 करोड़ रुपये मिलेंगे। मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट एप्रुवल बोर्ड की बैठक में बिहार सरकार द्वारा शिक्षा के लिए पेश 13,993 करोड़ 75 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव के विरुद्ध उक्त राशि की मंजूरी दी।
बीते वित्त वर्ष 2021-22 में बिहार की ओर से शिक्षा पर 13 हजार 142 करोड़ का बजट केंद्र सरकार के सामने रखा गया तब केंद्र ने 7,800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस बार केंद्र सरकार ने 1,384 करोड़ रुपये ज्यादा देने की सहमति दी है। हालांकि नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन का मसला फंस गया है।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि बोर्ड बैठक में केंद्र सरकार ने बिहार में ढाई हजार मिडिल, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह बिल्कुल नई स्कीम है जो बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
प्रत्येक चयनित विद्यालय में कंप्यूटर लैब पर 8.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट एप्रुवल बोर्ड ने शिक्षकों के वेतन मद में केंद्रांश के रूप में 3,424 करोड़ रुपये, क्वालिटी एजुकेशन के लिए 1,938 करोड़ रुपये, पाठ्य-पुस्तकों और पोशाक समेत आरटीई के क्रियान्वयन हेतु 1,575 करोड़ रुपये और सिविल वर्क के लिए 517 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इसी तरह शिक्षा विभाग की ओर से 1,118 प्रारंभिक विद्यालयों के लिए भवन निर्माण हेतु राशि की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई, लेकिन इसके विरुद्ध दो सौ विद्यालय भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई।
