मुजफ्फरपुर।धर्म संसद में जूटेंगे राष्ट्रपति से सम्मानित पूर्व कुलपति,तीन पूर्व कुलपति व साहित्य अकादमी से सम्मानित तथा बीएचयू के दर्जनों ज्योतिष।धर्म शास्त्र, कर्म काण्ड, दर्शन शास्त्र एवं व्याकरण के विद्वान व मिथिला की धरती के दर्जनों विद्वानों का होगा संगम।

चाणक्य विद्यापति सोसाईटी के द्वारा 25 दिसम्बर 2018 को आयोजित “धर्म संसद” को लेकर सोसाईटी के अधिकारी व सदस्यगण ने की समीक्षा बैठक।
आज दिनांक 24/12/2018 को चाणक्य विद्यापति सोसायटी की बैठक आयोजित की गई।बैठक मे मुख्य रूप से धर्म संसद की तैयारी को लेकर चर्चा की गई तथा उसकी समीक्षा की गई।बैठक की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष पंडित विनय पाठक ने बैठक की।

अध्यक्षता करते हुए पं० विनय पाठक ने कहा कि धर्म संसद की तैयारी पूरी हो चुकी है।धर्म संसद का मुख्य आयोजन इसलिए किया जा रहा है कि हिंदू धर्म में पर्व को एक दिन मनाया जाए।
चाणक्य विद्यापति सोसायटी के तमाम अधिकारी व कार्यकर्तागण धर्म संसद को सफल बनाने में जुटे हैं और यह कार्यक्रम उत्तर बिहार ही नहीं यह देश स्तर पर पर्वों की एकरूपता तथा सनातन धर्म को मजबूत करने में सफल होगा।

वहीं कार्यक्रम के संयोजक तथा चाणक्य विद्यापति सोसाइटी के संरक्षक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कमलापति त्रिपाठी ने कहा कि इस कार्यक्रम में मिथिला से निर्गत तमाम पंचांग के पंचांगकर्ता, निर्माणकर्ता, संपादक तथा कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति तमाम विभागाध्यक्ष सहित बनारस से निकलने वाले तमाम पंचांग के निर्माता व संपादक तथा वहां के प्रबुद्धजन एवं नेपाल में सनातन धर्म के अनुयाई वहां के महंत व प्रबुद्ध जन लोग जो हमारे भारतीय परंपराओं से ओतप्रोत है वह सभी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए चाणक्य विद्यापति सोसाइटी के संरक्षक शंभूनाथ चौबे व भूषण झा ने कहा कि इस कार्यक्रम में सभी लोग अपने अपने स्तर से बिहार बंगाल उत्तर प्रदेश समेत भारत के पड़ोसी राज्य नेपाल तक के सनातन धर्म के अनुयाई तथा संत महंत,पुजारी पुरोहित,एवं प्रबुद्ध जनों का आगमन होना है यह बहुत ही सराहनीय कार्य है इससे समाज में एक नई दिशा समाज को एक नई दिशा प्रदान होगी।

इसकी जानकारी चाणक्य विद्यापति सोसाईटी के युवाध्क्ष सह मिडिया प्रभारी संकेत मिश्रा ने दी।मौके पर चाणक्य विद्यापति सोसायटी के संगठन मंत्री अजयानंद झा,कोषाध्यक्ष स्नेहवत्स झा उर्फ पिंकू झा,पंडित राम जी झा,पंडित अखिलेश्वर नारायण त्रिवेदी उर्फ मनमनजी, अभय चौधरी, महंत पवन दास, तेज नारायण झा, प्रवीण पप्पू झा, अशोक झा इंद्र कांत झा,शशिकांत पाठक, चंद्रमणी पाठक,हरिशंकर पाठक,सत्येन्द्र ठाकुर,पं० जयकिशोर मिश्र,मनोज झा, मुन्ना रफी, नीरज झा, संजय ओझा, उपस्थित थे।