पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा इसी साल आठ मई को एग्जाम के दिन ही रद कर दी गई थी। परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के कारण आयोग ने यह निर्णय लिया था। प्रश्नपत्र लीक होने की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) कर रही है। आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
अब इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा के सदस्य वरुण गांधी ने चिंता जाहिर की है। वरुण ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखकर बीपीएससी अध्यक्ष को बर्खास्त करने के साथ ही तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में भाजपा सांसद ने कहा है कि नीतीश से बहुत आशा है। उम्मीद है वो अभ्यर्थियों की पीड़ा को समझेंगे।
वरुण ने कहा कि लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचारी तत्वों की मिलीभगत से लीक हुए 67वीं के पेपर से करीब छह लाख अभ्यर्थियों की मेहनत व्यर्थ चली गई है। इससे छात्रों का मनोबल टूटा ही है, उनका भविष्य भी अधर में है। इस संबंध में कई अभ्यर्थियों ने मुझसे मदद की मांग की है।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि एग्जाम जल्द ही दोबारा लिया जाएगा। वरुण ने कहा कि जांच कमेटी ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है मगर सफेदपोश नकल माफियाओं का बेनकाब होना बाकी है, जो इस कृत्य के सूत्रधार हैं।

