बिहार : अयोध्याधाम में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर ओर खुशी का माहौल है। ऐसे में 22 जनवरी को कई लोग अपने बच्चों के नामकरण, गृह प्रवेश, यहां तक की बच्चों के सिजेरियन डिलीवरी तक के लिए पंडित जी से शुभ मुहुर्त को लेकर सलाह ले रहे हैं। पंडित जी से पूछा जा रहा है कि 22 जनवरी को मुहूर्त कैसा है। इस दिन गृह प्रवेश करने में कोई बाधा तो नहीं आएगी। बच्चों के नामकरण संस्कार करने से बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अगर उस दिन सिजेरियन डिलीवरी होती है, तो उसका क्या फायदा होगा आदि के बारे में पंडित जी से सलाह ले रहे हैं। सखीचंद घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित सौरभ मिश्रा को ऑनलाइन गृह प्रवेश करने के लिए छह यजमानों के काल आए हैं।

नामकरण संस्कार और अन्नप्राशन संस्कार के लिए कॉल
जबकि दो माता-पिता ने नामकरण संस्कार और अन्नप्राशन संस्कार के लिए संपर्क किया है। पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि उनके तीन यजमान बेंगलुरु से 22 जनवरी को अलग-अलग समय पर उनसे जुड़ेंगे और वो आचार्य के रूप में यहां से मंत्र उच्चारण करेंगे। इसके अलावा दो यजमान दिल्ली और एक यजमान भागलपुर के हैं। दो यजमान नामकरण संस्कार के लिए 22 जनवरी का समय रखा है।
मनसकामना नाथ मंदिर के पुजारी पंडित माना शुक्ला ने बताया कि ऐसे तो जन्म एवं मृत्यु पर भगवान के अलावा किसी का वश नहीं चलता है। लेकिन 22 जनवरी को सिजेरियन डिलीवरी के शुभ मुहूर्त को लेकर दो यजमानों का काल आया था। उन्होंने यह जानकारी ली कि इस दिन शुभ मुहूर्त क्या है। इस दिन जन्म मृत्यु के जीवन पर क्या प्रभाव रहेगा।

22 जनवरी को शुभ मुहूर्त, यह सभी चीज के लिए हितकारी
अयोध्या में श्री राम जी की प्राण प्रतिष्ठा के लिए समय 12 बजकर 29 मिनट और 8 सेकंड से लेकर 12:30 और 32 सेकंड तक तय किया हुआ है। इस दिन की विशेषताएं यह है कि सूर्य देव उत्तरायण में होंगे, जो अपने आप में ही एक अच्छा समय है। पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि 22 को दो शुभ योग बनने जा रहा है। एक सर्वार्थ सिद्धि योग और दूसरा अमृत सिद्धि योग।
सर्वार्थ सिद्धि योग को ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है। जनवरी के माह में 22, 25 और 31 को सर्वार्थ सिद्धि योग बना रहेगा। 22 और 25 जनवरी को अमृत सिद्धि योग बन रहा है। माना जाता है कि अगर कोई मांगलिक काम इस योग में किया जाता है, तो इससे जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं नामकरण संस्कार के लिए 22, 25 और 31 जनवरी बहुत शानदार है। इसके साथ ही जनवरी माह में अन्नप्राशन के लिए 22, 28 और 29 जनवरी तक है। 22 जनवरी सोमवार को मार्गशीर्ष नक्षत्र में 8 बजकर 6 मिनट से लेकर शाम को 3 बजकर 26 मिनट तक शुभ मुहूर्त है।