
MUZAFFARPUR : गत 29 जनवरी को काँटी के मधुबन में हुए दोहरे हत्याकांड में वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार द्वारा गठित मुजफ्फरपुर पुलिस टीम ने वैज्ञानिक आधार पर छानबीन करते हुए एक अपराधी को गिरफ्तार किया है.

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी श्री कुमार ने बताया कि गत 29 जनवरी को काँटी थाना क्षेत्र के कलवाड़ी मधुबन स्थित लीची गाछी में 02 व्यक्तियों की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. इस दोहरे हत्याकांड से प्रशासन सकते में था. मामले की गंभीरता देखते हुए कांड के उद्भेदन के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने पुलिस उपाधीक्षक पश्चीमी के नेतृत्व में नवनियुक्त काँटी थानाध्यक्ष सोना प्रसाद, डीआईयू के पदाधिकारी व कर्मी को शामिल किया गया.

जांच टीम ने तकनीकी रूप से साक्ष्य इकट्ठा किया. जिसके दौरान जांच टीम को एक सीसीटीवी फुटेज हासिल हुआ. सीसी फुटेज में हत्यारे की गाडी और हत्यारे का चेहरा कैद हो गया था. प्राप्त फुटेज के आधार पर हत्यारे की पहचान सीतामढ़ी के रुन्नी सैदपुर थाना क्षेत्र न्यूरी सिरकारिया निवासी लीलाधर मिश्रा के पुत्र सुधाकर कुमार के रूप में करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया. एसएसपी ने बताया कि वर्तमान में सुधाकर काँटी थाना के कलवाड़ी मधुबन निवासी अपने जीजा संतोष कुमार झा के घर पर रहता है.

सुधाकर के कुछ साथियों को भी पूछताछ हेतु हिरासत में लिया गया था. पूछताछ में घटना का मूल कारण आपसी विवाद सामने आया जो नशे के दौरान हथियार की खरीद-बिक्री के दौरान घटित हुआ. गिरफ्तार सुधाकर ने पूछताछ बताया कि सुनसान जगह पर हथियारों की खरीद-बिक्री के लिए उक्त दोनों मृतक अविनाश कुमार और अंकित कुमार उर्फ़ सोनू को लाने का कार्य केवल उसके द्वारा किया गया था, पर उन दोनों की हत्या सुधाकर के दूसरे साथियों ने गोली मार कर की है.
सुधाकर ने पुलिस पूछताछ में जो नाम बताये उसके आधार पर पुलिस जांच टीम साक्ष्य इकट्ठा कर उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है. पुलिस अनुसंधान बाधित होने की वजह से अन्य आरोपियों के नाम गुप्त रखते हुए उनके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है.
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एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि गठित पुलिस जांच टीम द्वारा मृतक के घर व अन्य जगहों पर अनुसंधान के क्रम में कई साक्ष्य इकट्ठा किये जिसमे मुख्या रूप से मृतक अविनाश उर्फ सोनू के घाट से काले रंग की एक सिक्योरिटी एजेंसी की वर्दी बरामद की गयी, जो संदेह पैदा करती है. जबकि अविनाश के परिजनों द्वारा उसके किसी भी सिक्योरिटी एजेंसी में कार्य करने को लेकर इंकार किया गया है.

जांच टीम दोनों मृतकों के मोबाइल सीडीआर प्राप्त कर आगे की कार्रवाई में जुटी है. जांच टीम ने अनुसंधान के दौरान अपराधी की बाइक, जैकेट, एक मोबाइल, दोनी मृतक का सिक्युरिटी गार्ड की वर्दी, और मृतक की गाडी को जप्त किया है. गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर जांच टीम अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की कवायद में जुटी है.
