
PATNA : बेगूसराय में फरार चल रही पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया है. जो खबर मिल रही है उसके मुताबिक मंजू ने बेगूसराय के मंझौल अनुमंडल न्यायालय में समर्पण किया है.
जानकारी के मुताबिक मंजू ने पहचान छिपाने के लिए बुर्के का सहारा लिया. अपना गेटअप चेंज कर के सरेंडर करने पहुंची थीं. इससे पहले उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी. मंजू वर्मा आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रही थीं.

बता दें कि मंजू वर्मा के सरेंडर से बिहार पुलिस कहीं ना कहीं उनके द्वारा किये गए कुर्की-जब्ती और दाबिश को मान रही है. मामले में एडीजी एसके सिंघल ने बताया कि मंजू वर्मा ने पुलिस के दबाव के चलते ही सरेंडर किया है. पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही थी. पूछे जाने पर कि आखिर इतने दिनों से मंजू वर्मा को पुलिस गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई. इसके जबाव में एडीजी ने कहा कि मंजू वर्मा की चल संपत्ति को जहां कुर्क किया गया था. आगे की कार्रवाई में पुलिस उनके बैंक खातों को फ्रीज करनेवाली थी. यदि इसके बाद भी वह सामने नहीं आती तो हम उनकी अचल संपत्ति को भी जब्त करते.

बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा का करीबी माना जाता है. इसी कांड को लेकर मंजू वर्मा को बिहार की नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर को इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान भी बिहार पुलिस को लताड़ लगाई थी.

इसके बाद से लगातार मंजू वर्मा फरार चल रही थी. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य तक तलाशी अभियान चला रही थी. गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए 27 नवंबर तक डीजीपी को हाजिर होने का आदेश दिया था. आखिरकार मंजू वर्मा ने आज सरेंडर कर दिया है. अब उन्हें जेल भेजा जाएगा.